Friday, 31 August 2018

Travelling-South India tour-Rameshwaram

Travelling-South India tour-Rameshwaram

Day-3
Visiting time-5am to 1pm
                         3pm to 9pm
Rameshwaram Mandir pic from Google
Google photo

       Hi...... हमारा अब तक का Travelling-south India tour बहुत अच्छा रहा। इस लेख में Travelling- South India tour-Rameshwaram के अपने अनुभव के बारे में बताऊंगी।

        तीसरे दिन हम रामेश्वरम तीर्थक्षेत्र जाने वाले थे। हम सुबह 5.30 बजे मंदिर जाने के लिए तैयार हो गए। बच्चे भी जल्दी तैयार हो गए। हम रामेश्वरम मंदिर 6 बजे पहुंचे। सुबह से मंदिर में भक्तों का ताता लगा हुआ था। मंदिर की दिव्यता देखते ही बनती है। यह मंदिर वास्तुकला का उत्कृष्ट,अद्भुत नमूना है।

               रामेश्वरम तीर्थक्षेत्र की विशेषता

         भगवान भोले की नगरी में आपका स्वागत है।

Rameshwaram mandir
Rameshwaram Temple
      साउथ इंडिया में रामेश्वरम हिंदुओंका प्रमुख तीर्थक्षेत्र है। रामेश्वरम तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरम जिले मे  है। रामेश्वरम मंदिर को रामनाथस्वामीमंदीर के नाम से भी जाना जाता है। रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग 12 द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। हमारे भारत देश में चार धाम है। बद्रीनाथ,जगन्नाथ पुरी, द्वारका और रामेश्वरम। रामेश्वरम मंदिर की अधिक विशेषता है। 
     रामेश्वरम यह एक द्वीप है। यह हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। यह द्वीप सुंदर शंख के आकार का दिखता है। यहां  भारत के कोने-कोने से भक्तगण दर्शन के लिए आते हैं।
Beautiful rameshwaram mandir

रामेश्वरम तीर्थक्षेत्र का इतिहास


        रामेश्वरम मंदिर यह ऐतिहासिक मंदिर है। रामेश्वरम मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। जब भगवान श्री राम माता सीता के साथ लंका पर विजय पाकर लौटे थे। तब श्री राम ने इस  शिवलिंग की स्थापना की थी।
  भगवान श्री राम के हाथों रावण का वध हुआ था । रावण एक ब्राह्मण था। इसलिए श्रीराम ने अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ मिलकर ब्रह्महत्या के निवारण के लिए इस जगह शिव की आराधना की थी।
   साउथ इंडिया के मंदिर अपनी विशेष रचना के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर में 24 कुओं का समूह है। इन कुओं का पानी अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे तीर्थ भी कहते हैं। भगवान शिव के दर्शन के पहले इस तीर्थ को भक्तगण अपने ऊपर छिड़कते हैं और दर्शन के लिए जाते हैं, ऐसी मान्यता है।

            रामेश्वरम का गलियारा

         रामेश्वरम मंदिर का परिसर बहुत भव्य और विशाल है।रामनाथस्वामी मंदिर का गर्भगृह  3 बड़े गलियारोसे घिरा हुआ हैं। इसमें से बाहर की तरफ बना हुआ गलियारा दुनिया का सबसे बड़ा गलियारा है। मंदिर के भीतर मोबाइल कैमरा ले जाना मना है। इसीलिए मंदिर के भीतर की फोटोस नहीं ले पाए।
Rameshwaram Temple Galiyara  Google picture
Rameshwaram Temple
Galiyara
 Google picture

Visiting Rameshwaram Mandir
Beautiful Rameshwaram temple



     हम 8: 00 बजे तक मंदिर के बाहर आ गए थे। हमारे दर्शन बहुत अच्छे से हो गए। भगवान शिव के अद्भुत दर्शन से अति प्रसन्नता महसूस हो रही थी।
       
      मंदिर के बाहर बहुत छोटे मोटे हॉटेल्स है हमने वही एक होटल में साउथ इंडियन नाश्ता किया, इडली-सांभर, मेंदू वडा और तीन-चार प्रकार की चटनियां थी। यहां चाय -coffee बहुत अच्छी मिलती है।
      
     हम लोग वापस होटल Vinayaga गए ,चेक आउट किया। हमारा next destination Trichi था। हमें उसी दिन त्रिची होकर बेंगलुरु वापस जाना था।


पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम की जन्मस्थली

         
       होटल विनायगा के पास ही 5km पर ही हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम जी की जन्मस्थली है। पर हमें उसी दिन Bengaluru पहुंचना था। इस वजह से हम वहां नहीं जा पाए। उसका हमें खेद है। रामेश्वरम में डॉक्टर अब्दुल कलाम की स्मृति में कलाम मेमोरियल स्मारक की स्थापना कि हुई है। हम वहां नहीं जा पाए पर अगर आप रामेश्वरम जाते हैं तो यहां विजिट जरूर करें।
        तो इस तरह हमारा रामेश्वरम का सफर पूर्ण हुआ। 


रामेश्वरम कैसे पहुंचे


  • चेन्नई से रामेश्वरम की दूरी -558.7km
  • बेंगलुरु से रामेश्वरम की दूरी -580.2km

Monday, 27 August 2018

Travelling- South India tour-Ariyaman beach

Travelling South India tour Kushi beach, Ariyaman beach            

Ariyaman beach, Kushi beach

                  Visiting time-6am to 6pm
                 Kushi beach intry fees- 60ru..
                                                            अब  हमारा Travelling-south India tour - का अगला पड़ाव Kushi ,Ariyaman beach था ।धनुषकोडी  देखने के बाद हम रामेश्वरम आए।वैसे तो रामेश्वरम में बहुत बिचेस है जैसे Kunthukal beach, Sangumal beach, Villondi theertham, Pamban beach,Olaikuda beaches.पर आर्यमन बिच सबसे साफ और सुरक्षित बिच है। हम Ariyaman beach गये । धनुषकोड़ी से अरीयमन बीच 21 km की दूरी पर है।Ariyaman beach यह  बहुत ही शांत बिच है। बीच की लहरें एक दम शांत है और साफ- सुथरा बिच है।  यहां बहुत पर्यटक आते हैं। ऊंचे- ऊंचे नारियल के पेड़ यहां की सुंदरता बढ़ाते हैं।हम लहरों के साथ खेले, बच्चों को बहुत आनंद आ रहा था।
Beautiful scenery Ariyaman beach

Enjoy Ariyaman beach


                               यहां से 1 किलोमीटर दूरी पर Kushi beach resort है। यहां एंट्री फीस -60ru..लगती है। यहांswimming पूल है , बच्चों के लिए water slides है। यहां जेंट्स और लेडीज के लिए अलग अलग swimming पूल है। यहां मानव निर्मित वाटर फॉल भी है।हम सब ने यहां बहुत एंजॉय किया। हमारा यहां से जाने का मन ही नहीं हो रहा था,पर समय खत्म हो जाने की वजह से हमें जाना पड़ा।Kushi beach Resort श्याम 6: 00 बजे बंद हो जाता है।  

    

Kushi beach resort me tad ke ped
                            Kushi beach
           

Ariyaman beach in rameshwaram
           Ariyaman beach enjoying


Beautiful scenery of Ariyaman beach

Beautiful view of Ariyaman beach


                हम 7: 30- 8: 00 बजे के करीब होटल आ गए। वहां फ्रेश होने के बाद नीचे डाइनिंग रूम में डिनर के लिए गए।

Hotel Vinayaga में lunch मे thali मिलती है और डिनर में Buffet की व्यवस्था रहती है। Buffet मे North Indian और South Indian खाना था । यहां खाना बहुत अच्छा मिलता है। दिन भर घूमने से हम बहुत थक गए थे। ऐसे हमारा दूसरा दिन बहुत अच्छा बीता। सुबह उठकर हमें रामेश्वरम मंदिर जाना था।

Thursday, 23 August 2018

Travelling-South India tour-Dhanushkodi

Travelling-South India tour-Dhanushkodi

Day 2


Visiting time-6am to 6pm


                   
                    Hi......Travelling-South India tour-Dhanushkodi इस blog में Dhanushkodi के traveling के बारे में जानकारी दूगी।
                    
          धनुषकोडी यह रामेश्वर द्विप के दक्षिण तट पर बसा हुआ गांव है। धनुष्कोडी से श्रीलंका तकरीबन 18 मील पश्चिम में है। रामेश्वरम से धनुषकोडी आधे घंटे का रास्ता है।
Dhanushkodi beach

                  Madurai से हम सुबह breakfast करके 9बजे रामेश्वरम के लिए निकले। मदुरै से रामेश्वरम की दूरी 3.30 -4 घंटे की है। ‌‌‌‌
         रामेश्वरम एक द्वीप है। यहां रेल मार्ग और सड़क मार्ग है जो कि समुंदर से होकर गुजरता है। पंबन सेतु रामेश्वरम को भारत के मुख्य भूमि से जोड़ता है, पंबन सेतु रेल मार्ग है। यह भारत का पहला सी-ब्रिज है। यह 2 किलोमीटर में फैला हुआ है। यह करीब करीब सौ साल पुराना सेतु है। इस ब्रिज से समांतर रोड ब्रिज बनाया गया है। यह ब्रिज समुंदर में बना अपने आप में एक अनोखा ब्रिज है। इस ब्रिज से जाते वक्त यात्री समुंदर का अद्भुत नजारा देख सकते हैं। यहां यात्री रुक कर फोटोस लेते हैं और समुंदर का मजा लेते है। यहां फिल्म Chennai Express के एक गाने की शूटिंग हुई है।

  Pamban train setu in the sea

Beautiful Pamban Bridge

Enjoying Pamban Bridge


            रामेश्वरम में हम 1: 00 बजे पहुंचे थे।रामेश्वरम में हम Hotel Vinayaga में रूके थे।Hotel Vinayagaयह Hotel Poppys की ही शाखा है। Hotel में लंच में North Indian खानेसे लेकर South Indian थाली भी मिलती है। हम ने south Indian थाली मंगवाई थी।
South Indian thali in Vinayaka hotel

Eating yummy South Indian thali

South Indian thali in vinayaga hotel

       रामेश्वरम से धनुषकोडी 20 मिनट का रास्ता है। हम लोग लंच के बाद धनुषकोडी के लिए निकले।धनुषकोडी भारत का आखरी छोर हैैैै।

                धनुषकोडी

             नुषकोडी यह बेट है। धनुषकोडी यह भारतीय महासागर और बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। यहां भारतीय महासागर उछलता हुआ और बंगाल की खाड़ी शांत प्रतीत होती है। यहां इन दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। 
Beautiful pic Dhanushkodi

Enjoying Dhanushkodi beach with family

Dhanushkodi beach beautiful scenery

High weave near Dhanushkodi beach

धनुषकोडी कैसे पहुंचे

      रामेश्वरम से धनुषकोडी के लिए लोकल ऑटो जीप चलती है।
धनुषकोडी कोड़ी का इतिहास

      धनुषकोडी से भगवान श्रीराम ने लंका जाने के लिए वानरों के साथ मिलकर सेतु बनाया था। यहीं से श्री राम माता सीता को लाने लंका गए थे। लौट के आने के बाद रावण के भाई विभीषण ने भगवान श्री राम को सेतु तोड़ने के लिए कहा था और श्रीराम ने एक बाण से सेतु तोड़ दिया था। इसलिए इस जगह को धनुषकोडी यह नाम दिया गया है। इस सेतु के अवशेष आज भी समुंदर में दिखते है।
       1964 में धनुषकोडी में सुनामी आया था। सुनामी में यह  गांव तबाह हो गया। सुनामी के पहले यह गांव उभरता हुआ टूरिस्ट स्पॉट था। अब यह खंडहर में तब्दील हो गया है। यहां सूर्यास्त के बाद कोई रुकता नहीं है।सूर्यास्त होते ही यहां सुनसान हो जाता है।

      यहां भगवान श्री राम से संबंधित कई मंदिर हैं।
यहां के जल को बहुत पवित्र माना जाता है। इस पवित्र जल में लोग स्नान करते हैं। कहा जाता है कि धनुषकोडी में स्नान करने से यात्रा सफल हो जाती है। यहां का दृश्य अतिशय अद्भुत प्रतीत होता है।

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Tuesday, 21 August 2018

Travelling-South India tour-Meenakshi temple

Travelling- South India Tour-Meenakshi Temple 

Madurai Tamilnadu
Day-1
Visiting time
Morning -5am to1.30pm
Evening-4pmto9.30pm

          Hello.. Travelling-south India tour-Meenakshi temple(Madurai) यह मेरा पहला blog है। इस blogमे मै मेरे south india tour के travelling के अनुभव आप से साझा करूंगी।
Meenakshi temple front view


Meenakshi temple side view

        इन गर्मीओकी छुट्टीमे मैं family के साथ South India tour- Tamilnadu गये थे। Tamilnadu मे Bangalore,Madurai, Dhanushkodi, Rameshwaram और Trichy यहां गए थे।

South indIn-Madurai कैसे पहुंचे

         मैं इंदौर में रहती हूं। हम इंदौर से बेंगलुरु बाय ट्रेन से गए। बेंगलुरु में मेरे भैया रहते हैं उनके family के साथ हमने आगे का tour by car से किया। हमारा पहला destination मदुराई था। बेंगलुरु से हम सुबह 6: 00 बजे निकले। Madurai 7-8 घंटे में पहुंच गए। हमने पहले से ही Makemytrip.Com से online hotelHotel poppys बुक कर लिया था। होटल में हम 2: 00 बजे तक पहुंचे। Hotel में  लंच करके थोड़ी देर रेस्ट कीया है। Hotel poppys में खाना बहुत अच्छा मिलता है। फिर हम 4: 00 बजे मदुराई मंदिर के दर्शन के लिए निकले।
Nandi in front of Meenakshi temple


South India- Meenakshi मंदिर के बारे में जाने। 

            मीनाक्षी टेम्पल Tamilnadu राज्य के Madurai नगर में है। मीनाक्षी मंदिर को Meenakshi Amman Temple भी बोलते हैं। 



              South India में ऐतिहासिक मंदिरों की श्रृंखला है। यहां भव्य दिव्य मंदिर है। Tamilnadu के Madurai में मीनाक्षी सुंदरेश्वर  मंदिर की रचना अद्भुत प्रतीत होती है। यह मंदिर भगवान शिव और उनकी पत्नी माता पार्वती जिनकी आंखें मछली की आंखों जैसी सुंदर है इन को समर्पित है। यह मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है। इसका निर्माण 7वी शताब्दी  में प्रारंभ हुआ था।यह मंदिर 15 एकड़ में फैला हुआ है। इस मंदिर के विशाल प्रांगण में शिव मंदिर तथा बाई और Meenakshi मंदिर है। South India में मंदिर के गर्भगृह में देवी देवताओं के दर्शन दीयों की रोशनी में ही होते हैं। मीनाक्षी मंदिर में देवी मीनाक्षी की पूर्वाभिमुख श्याम वरन प्रतिमा स्थापित है। दीयों की रोशनी में मीनाक्षी देवी के दर्शन से मन को एक अद्भुत तृप्ती मिलती है। यहां भगवान शिव नटराज स्वरूप में विराजमान है।
मंदिर के परिसर में ही एक सुंदर सरोवर है। स्वर्णा पुष्करणी नाम का यह सरोवर है।सरोवर के चारों ओर सुंदर मंडपम बने हुए हैं।
Meenakshi temple front dwar


Some pics my family


           मीनाक्षी मंदिर का यह नजारा मंन को अद्भुत शांति प्रदान करता है। Madurai के इस इस विश्व प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन करके हम अत्यंत अभीभूत महसूस कर रहे थे। इस तरह हमारे मीनाक्षी मंदिर के दर्शन मनपूर्वक हुए।

दर्शन के बाद हम रातमे Hotel Poppys गए। वहां डिनर किया और सो गए। दूसरे दिन हमें रामेश्वरम के लिए निकलना था।
Some pics enjoy with family
Hotel poppys dinning area

Enjoy in poppys hotel

Hotel poppys open area

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Statue of Unity- part-1-Nilkanthdham Swaminarayan temple (Gujrat)

Statue of Unity   Part-1 Nilkanthdham swaminarayan temple   Gujrat  Statue of Unity         Hi everyone .......  आज में ...