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Tuesday, 23 October 2018

Omkareshwar Jyotirling

श्री ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर दर्शन
श्री ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग 

                     

  नमस्ते...... आज मैं ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग टूर के बारे में बताऊंगी।
 
          इस दशहरे के मौके पर हम ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए गए थे। इंदौर से ओम्कारेश्वर नजदीक है, तो हम एक दिन में ओम्कारेश्वर के दर्शन करके रात तक लौट आए थे।

        हमारे भारत देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग है उसमें से मध्य प्रदेश में 2 ज्योतिर्लिंग है, उज्जैन और ओम्कारेश्वर।ओम्कारेश्वर यह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है।इंदौर से ओमकारेश्वर 80km. की दूरी पर है। ओमकारेश्वर में दो मंदिर स्थित है।

  •    ओमकारेश्वर
  •    अमलेश्वर

Omkareshwar Jyotirling tour

      दशहरे के दिन में और मेरी फैमिली हम सुबह जल्दी उठकर तैयार होकर, घर की पूजा-पाठ करके 10 बजे
घर से निकले।12.30 बजे हम ओम्कारेश्वर पहुंचे।

Sri omkareshwara Temple scenery

   
      ओम्कारेश्वर बहुत ही सुन्दर जगह है। यहां नर्मदा नदी बहती है। ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर यह नर्मदा नदी के बीच में एक मधान्ता नामक छोटी पहाड़ी पर स्थित है। यह पहाड़ी हिंदुओं के पवित्र चिन्ह  ॐ के आकार की बनी है।

    नर्मदा नदी के किनारे विष्णुपुरी नामक गांव है। यहां पहुंचने के बाद हमने कार पार्किंग में लगाई और मंदिर की ओर चल पड़े। ओमकारेश्वर मंदिर जाने के लिए दो रास्ते हैं एक बोट से मंदिर तक जा सकते हैं, यहां से मधान्ता टापू तक पहुंचा जा सकता है, फिर वहां से मंदिर तक सीढीयो से जाना होता है, और दूसरा मार्ग ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर यहां पूल बना हुआ है, इससे पैदल जा सकते है,यह रास्ता कुछ लंबा है लगभग 3 किलोमीटर पड़ता है।

Sri omkareshwara Temple and Narmada nadi

 

Omkareshwar Jyotirling tour

   हम बोट के रास्ते से मंधान्ता पहाड़ी तक गए। ओमकारेश्वर का प्राकृतिक सौंदर्य अप्रतीम है। नर्मदा नदी में बोटींग करते समय हम पहांडी और नदी के प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठा सकते हैं। नर्मदा जी के उस ओर उतरने के बाद वहां पक्का घाट बना हुआ है, यही से यात्री नर्मदा स्नान करके सीढीओं से ऊपर चढ़कर मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं। मंदिर यहां से कुछ ऊंचाई पर है। यहां नर्मदा नदी का स्नान करने की विशेष परंपरा है। हम लोग घर से ही स्नान करके निकले थे तो हम दर्शन के लिए  सीढीओं से ऊपर गए।  सीढीओं से ऊपर की ओर जाते वक्त बहुत सारे छोटे-छोटे अनेक देवी-देवताओं के मंदिर दिखाई देते है। 

Shri Omkareshwar Mandir front view
श्री ओमकारेश्वर मंदिर

Omkareshwar Jyotirling tour

                
           ओंकारेश्वर मंदिर चार मंजिला है। इसके हर एक मंजिल पर अलग-अलग देवता विराजमान है। जिस द्वार से हम मंदिर में प्रवेश करते हैं वह द्वार छोटा है, ऐसा लगता है मानो हम गुफा में जा रहे हो। पहली मंजिल पर ओमकारेश्वर  के दर्शन होते हैं।श्री ओमकारेश्वर लिंग अनगढ़ है। यह लिंग मंदिर के ठीक शिखर के नीचे न हो कर एक और हटकर है। लिंग के चारों ओर जल भरा रहता है। पास में ही पार्वती जी की मूर्ति है। श्री ओम्कारेश्वर लिंग के दर्शन के बाद हम दूसरे मंजिल पर गए, वहां महाकालेश्वर के दर्शन किए महाकालेश्वर शिखर के ठीक नीचे विराजमान है। तीसरी मंजिल पर सिद्धनाथ लिंग है। चौथे मंजिल पर गुक्तेश्वर लिंग और ध्वजेश्वर लिंग है। ओमकारेश्वर की परिक्रमा करते हुए श्री रामेश्वरम और गौरी-सोमनाथ के दर्शन होते है। इस प्रकार हमारे ओंकारेश्वर के दर्शन बहुत अच्छे से हुए।हम फिर से बोट के पास आए, बोट से हमने माधान्ता पहाड़ी की परीक्रमा की। यहां पैदल भी परिक्रमा कर सकते हैं यह रास्ता 7 km.का है। परिक्रमा करते वक्त कावेरी-नर्मदा नदी संगम के दर्शन कर सकते हैं।


Beautiful scenery of Omkareshwar

Omkareshwar Jyotirling tour

    श्री ओमकारेश्वर दर्शन के बाद हम अमलेश्वर के दर्शन के लिए गए। अमलेश्वर भी एक ज्योतिर्लिंग है।अमलेश्वर को ही ममलेश्वर कहा जाता है। यह मंदिर नर्मदा नदी के दक्षिण तट पर विष्णुपुरी में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महारानी अहिल्याबाई होलकर ने करवाया है। यहां यात्री ओंकारेश्वर के दर्शन करके फिर ममलेश्वर के दर्शन करने आते हैं,ऐसा नियम यहां के लोग मानते हैं।ममलेश्वर मंदिर प्राचीन वस्तु कला और शिल्पकला का अद्भुत नमूना है। तो इस तरह हमारे ओमकारेश्वर और अमलेश्वर के दर्शन हुए।

     हम ओमकारेश्वर से घर रात 12:00 बजे पहुंचे इस तरह हमारा ओंकारेश्वर का आध्यात्मिक टूर संपन्न हुआ।

   
Sri mamleshwar Mandir with my family

 ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में

    ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग है।यह शिव जी का चौथा प्रमुख ज्योतिर्लिंग कहलाता है। लोगों की मान्यता है कि भगवान शिव तीनों लोकों का भ्रमण करके यहां आकर विश्राम करते हैं, तभी रात्रि में यहां भगवान शिवजी की शयन आरती की जाती हैं। यहां भक्तगण दूर दूर से भारी संख्या में आते हैं।



Boating in Narmada nadi

Omkareshwar Jyotirling tour


ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग कथा

    यह कहा जाता है कि राजा मंधान्ता ने यहा नर्मदा नदी के किनारे घोर तपस्या कर भगवान शिव जी को प्रसन्न किया और भगवान शिव जी के प्रकट होने पर उनको यहीं निवास करने का वरदान मांग लिया। तभी से भगवान शिव इस प्रसिद्ध तीर्थ नगरी में निवास करने लगे। इसीलिए इसे ओंकार -माधान्ता के रूप में पुकारा जाने लगा। कहा जाता है कि यहां 68‌ तीर्थ है। यहां 33 करोड़ देवी देवता अपने परिवार सहित यहां निवास करते हैं।
 

ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का इतिहास

      इस मंदिर में शिव भक्त कुबेर ने तपस्या की थी तथा शिवलिंग की स्थापना की थी। जिसे शिवजी ने देवताओं का धनपति बनाया था। शिव जी ने कुबेर के स्नान के लिए अपनी जटा के बाल से कावेरी नदी उत्पन्न की थी। यह नदी कुबेर मंदिर के बाजू से बहकर नर्मदा नदी मे मिलती है। कावेरी नदी ओमकार पर्वत का चक्कर लगाकर वापस नर्मदा नदी मे मिलती है इसे ही नर्मदा कावेरी संगम कहते हैं।


Omkareshwar Ganesh Mandir darshan

Omkareshwar Jyotirling tour


  ओमकारेश्वर कैसे पहुंचे

वायु मार्ग-ओमकारेश्वर के सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा इंदौर है। यह पूरे भारत से जुड़ा हुआ है।


रेल मार्ग-सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन12 kmकी दूरी पर मोरटक्का यहां पर है।यह खंडवा-रतलाम रेल मार्ग पर है।


सड़क मार्ग- ओमकारेश्वर सड़क मार्ग द्वारा इंदौर खंडवा उज्जैन से जुड़ा हुआ है। सड़कें डबल और व्यवस्थित है। सड़कसड़क मार्ग से भी आराम से पहुंचापहुंचा जा सकता है।


ओमकारेश्वर जाने का उत्तम मोसम

ओमकारेश्वर का जुलाई से मार्च तक मोसम अच्छा रहता है। इस मौसम में हम ओमकारेश्वर के प्राकृतिक सौंदर्य का लुप्त उठा सकते हैं। अप्रैल से जून तक मौसम काफी गर्म रहता है।

होटल और धर्मशाला
ओमकारेश्वर एक विकसित पर्यटन क्षेत्र है यहां बहुत सारे होटलस् और धर्मशालाएं बनी हुई है यहां आप आराम से रुक सकते हैं।


Shri Omkareshwar temple beautiful scenery


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