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Wednesday, 3 October 2018

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari Part-2

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari

Part-2
World tourism day special

Maheshwar fort- अहिल्याबाई होल्कर की नगरी के पहले भाग में हमने महेश्वर किल्ले का वर्णन देखा। इस भाग मे में अपने आगे के महेश्वर टूर के बारे में बताऊंगी।

   आगे........ 
Statue of Ahilyabai holkar in Ahilya Fort
Statue of Ahilyabai Holkar

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari

     अहिल्याबाई होलकर(सन् 1725-1795)

अहिल्याबाई एक महान शासक और मालवा प्रांत की महारानी थी। लोग उन्हें राजमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम से भी संबोधन देते हैं। उनका जन्म सन 1725 में हुआ। उनका विवाह सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खंडेराव के साथ हुआ था, जब वह 10-12 साल की थी। 29 साल की आयु में ही विधवा हो गई। जब वह 42 43 साल की थी तब उनका पुत्र मालेराव का निधन हो गया। तब अहिल्याबाई मालवा प्रांत की शासक बन गई। रानी अहिल्याबाई ने अपनी राजधानी महेश्वर को बनाया। उन्होंने नर्मदा नदी के किनारे आठरावीं शताब्दी का बेहतरीन आलीशान महल बनवाया। इसे अहिल्या फोर्ट कहा जाता हैं। यहां राजधानी की पहचान बनी textile industry, यहां बनने वाली महेश्वरी साड़ी भारत भर में प्रसिद्ध है। उस दौरान महेश्वर साहित्य,संगीत,कला का गढ़ बन गया था। रानी अहिल्याबाई हर रोज अपनी प्रजा से बात करती थी। उन्होंने इंदौर को एक छोटे से गांव से समृद्ध और सजिव शहर बनाया। रानी अहिल्याबाई को एक बुद्धिमान  तीक्ष्न सोच और स्वस्फुर्त  शासक के तौर पर याद किया जाता है। उन्होंने कई मंदिरों का जीर्णोद्धार किया। हिमालय से लेकर दक्षिण भारत के कोने-कोने तक के मंदिरों का जीर्णोद्धार किया इस पर खूब पैसा खर्च किया। अहिल्याबाई ने गरीबों के लिए,विधवाओं की मदद करके समाज सेवा करती थी। अहिल्याबाई मातृत्व शक्ति का प्रतिक रही है।
     देवी अहिल्याबाई ने अपनी सारी कठिनाइयों पर विजय पाकर एक महान शासक बनी।


Beautiful scenery of Maheshwar Fort
Beautiful scenery of Maheshwar Fort

Beautiful pic Maheshwar Fort

Beautiful pic Maheshwar Fort

Black n white photo of Maheshwar Fort

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari

इस तरह हम अहिल्याबाई का राजवाड़ा देखने के बाद वापस सीढ़ियो से जाने लगे।

महेश्वरी साड़ी
     सीढ़ियां उतरते समय बाई ओर एक इमारत में हैंडलूम कारखाना है। इस कारखाने में महेश्वरी साड़ियां बनाई जाती है। जिसमें बहुत सारे कारागीर  काम करते हुए दिखाई देते हैं। अहिल्याबाई ने यहां वस्त्र निर्माण का कार्य चालू किया था तब से यह कार्य अविरत चालू है। यह हैंडलूम कारखाना शाम को6:00 बजे तक चालू रहता है।  यहां बहुत लोगों का रोजगार इस वस्त्र निर्माण उद्योग पर है। महेश्वरी साड़ियों की कारीगिरी बहुत ही सुंदर अप्रतिम होती है। आज भी यहां बनने वाली महेश्वरी साड़ियां व अन्य वस्त्र अपने प्राचीन स्वरूप में उसी पद्धति से निर्मित किए जाते हैं। महेश्वरी साड़ियां पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है।
Maheshwar fort View

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari

    पुराना दौर चला गया, राज राजवाड़ा चले गए, सब कुछ बदल गया पर आज भी महेश्वर किल्ला अपने पूरी शान से नर्मदा नदी के किनारे खड़ा है, ना कोई किल्ले की टूट-फूट, ना कोई क्षति आज भी महेश्वर किल्ला नया दिखता है।

  हेरीटेज होटल

     इस किले के अंदर रॉयल हेरीटेज होटल बनाया गया है। अहिल्याबाई के वंशज इस होटल को चलाते हैं। होटल में 13 कमरे बने हैं और २ रॉयल सूट है जिस में प्राइवेट बालकनी बनी उसमें से नर्मदा नदी और महेश्वर  का सुंदर नजारा दिखता है। होटल के कमरे ऐसे बनाए गए हैं की नर्मदा नदी की खूबसूरती दिखाई देती है।

Narmada nadi in front of Maheshwar Fort
Narmada river
श्याम के समय नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य
श्याम के समय नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य


Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari

    महेश्वर किल्ला देखने के बाद हम नर्मदा नदी के किनारे अहिल्या घाट पर आए। बच्चों को भूख लग गई थी, किल्लले के बाहर छोटी-छोटी दुकानें लगी थी,वहीं से हमने कुछ स्नैक्स लिए, कुछ स्नैक्स हमारे पास थे वही खाते हुए हम नदी में पैर डालकर थंडे-थंडे पानी का आनंद लें रहे थे। थंडे बहते पानी में पैर डालकर बैठना बहुत अच्छा और सुकून भरा एहसास था।

नर्मदा नदी मे कुछ पल सुकून भरे

नर्मदा नदी के पानी में मछलियां


नदी में बहुत मछलियां है , मछलियों को देखकर बच्चे बहुत खुश हो रहे थे। कुछ देर बैठने के बाद हम बोटिंग के तरफ गए। हमने मोटर वाली बोट ली, नर्मदा नदी में बोटिंग करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। बोटिंग करते वक्त किल्ला और घाटों का अद्भुत दृश्य दिखाई दे रहा था। बोटिंग करना सबको पसंद है हमें भी बहुत आनंद आया। नर्मदा नदी के बीच मैं एक शिव मंदिर है वहां तक हम बोट से गये और वहां दूर से दर्शन करके बोट हमें घाट पर वापस ले आई।

Boating in Narmada nadi

Boating in Narmada nadi
Boating in Narmada nadi

Boating in Narmada nadi

कुछ पल अहिल्या घाट पर


नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari

महेश्वर किल्ला और बॉलीवुड

     नर्मदा नदी के घाट पर महेश्वर किल्ले मे बहुत सारी बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हुई है जैसे अभी पैडमैन फिल्म आई थी उसकी 70% शूटिंग इसी किल्ले में और घाट पर हुई थी। यमला पगला दीवाना, बाजीराव मस्तानी, नीरजा फिल्म का अंतिम दृश्य, सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म तेवर ऐसे बहुत सारी फिल्मों  के कुछ भाग महेश्वर घाट पर फिल्माए गए हैं।

     TV धारावाहिक की भी शूटिंग यहां होती रहती है जैसे  झांसी की रानी, छोटी बहू,काल भैरव TV serial के कुछ शूटिंग यहां की गई है।
   वैसे यहा कुछ तमिल फिल्मों की भी शूटिंग की गई है।

    ....हम बोटिंग के बाद घाट पर घूमे, घाट पर बहुत सारे मंदिर है,वह देखने के बाद हम वापस पार्किंग की तरफ गये।

अहिल्या घाट के मंदिर
अहिल्या क्या घाट के मंदिर
Beautiful temple near Ahilya Ghat
अहिल्या घाट पर मंदिर



True Traveller in Maheshwar fort
True Traveller

Maheshwar Fort Tour-Ahilyabai Holkar ki Nagari


       इस तरह हमारा महेश्वर टूर समाप्त हुआ हम शाम को 7:00 बजे इंदौर वापस जाने के लिए निकले। रास्ते मैं बहुत सारे हॉटेल्स-ढाबे हैं। हमने एक restaurant मे डिनर किया और 10:00 बजे तक घर(इंदौर) पहुंचे।

Beautiful Maheshwar Fort

महेश्वर कैसे पहुंचे सेवा-

सड़क मार्ग-बडवाह, खंडवा,धार , इंदौर और धामनोद से महेश्वर के लिए बस सेवा उपलब्ध है। इंदौर से महेश्वर के लिए टेकसी कार से भी पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग- इंदौर महेश्वर के सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है, यह प्रमुख रेलवे स्टेशन होने के कारण यहां से रेल गाड़ियों की आवाजाही अधिक बेहतर है।

वायू मार्ग- इंदौर हवाई अड्डा महेश्वर के सबसे नज़दीक है। हवाई अड्डा से महेश्वर तक का सफर बस-टैक्सी से आराम से किया जा सकता है।
 महेश्वर घूमने के लिए सबसे अच्छा समय जुलाई से मार्च  तक का है।

      आपको यह लेख अच्छा लगे तो comment और share करें। धन्यवाद।

Friday, 31 August 2018

Travelling-South India tour-Rameshwaram

Travelling-South India tour-Rameshwaram

Day-3
Visiting time-5am to 1pm
                         3pm to 9pm
Rameshwaram Mandir pic from Google
Google photo

       Hi...... हमारा अब तक का Travelling-south India tour बहुत अच्छा रहा। इस लेख में Travelling- South India tour-Rameshwaram के अपने अनुभव के बारे में बताऊंगी।

        तीसरे दिन हम रामेश्वरम तीर्थक्षेत्र जाने वाले थे। हम सुबह 5.30 बजे मंदिर जाने के लिए तैयार हो गए। बच्चे भी जल्दी तैयार हो गए। हम रामेश्वरम मंदिर 6 बजे पहुंचे। सुबह से मंदिर में भक्तों का ताता लगा हुआ था। मंदिर की दिव्यता देखते ही बनती है। यह मंदिर वास्तुकला का उत्कृष्ट,अद्भुत नमूना है।

               रामेश्वरम तीर्थक्षेत्र की विशेषता

         भगवान भोले की नगरी में आपका स्वागत है।

Rameshwaram mandir
Rameshwaram Temple
      साउथ इंडिया में रामेश्वरम हिंदुओंका प्रमुख तीर्थक्षेत्र है। रामेश्वरम तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरम जिले मे  है। रामेश्वरम मंदिर को रामनाथस्वामीमंदीर के नाम से भी जाना जाता है। रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग 12 द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। हमारे भारत देश में चार धाम है। बद्रीनाथ,जगन्नाथ पुरी, द्वारका और रामेश्वरम। रामेश्वरम मंदिर की अधिक विशेषता है। 
     रामेश्वरम यह एक द्वीप है। यह हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। यह द्वीप सुंदर शंख के आकार का दिखता है। यहां  भारत के कोने-कोने से भक्तगण दर्शन के लिए आते हैं।
Beautiful rameshwaram mandir

रामेश्वरम तीर्थक्षेत्र का इतिहास


        रामेश्वरम मंदिर यह ऐतिहासिक मंदिर है। रामेश्वरम मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। जब भगवान श्री राम माता सीता के साथ लंका पर विजय पाकर लौटे थे। तब श्री राम ने इस  शिवलिंग की स्थापना की थी।
  भगवान श्री राम के हाथों रावण का वध हुआ था । रावण एक ब्राह्मण था। इसलिए श्रीराम ने अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ मिलकर ब्रह्महत्या के निवारण के लिए इस जगह शिव की आराधना की थी।
   साउथ इंडिया के मंदिर अपनी विशेष रचना के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर में 24 कुओं का समूह है। इन कुओं का पानी अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे तीर्थ भी कहते हैं। भगवान शिव के दर्शन के पहले इस तीर्थ को भक्तगण अपने ऊपर छिड़कते हैं और दर्शन के लिए जाते हैं, ऐसी मान्यता है।

            रामेश्वरम का गलियारा

         रामेश्वरम मंदिर का परिसर बहुत भव्य और विशाल है।रामनाथस्वामी मंदिर का गर्भगृह  3 बड़े गलियारोसे घिरा हुआ हैं। इसमें से बाहर की तरफ बना हुआ गलियारा दुनिया का सबसे बड़ा गलियारा है। मंदिर के भीतर मोबाइल कैमरा ले जाना मना है। इसीलिए मंदिर के भीतर की फोटोस नहीं ले पाए।
Rameshwaram Temple Galiyara  Google picture
Rameshwaram Temple
Galiyara
 Google picture

Visiting Rameshwaram Mandir
Beautiful Rameshwaram temple



     हम 8: 00 बजे तक मंदिर के बाहर आ गए थे। हमारे दर्शन बहुत अच्छे से हो गए। भगवान शिव के अद्भुत दर्शन से अति प्रसन्नता महसूस हो रही थी।
       
      मंदिर के बाहर बहुत छोटे मोटे हॉटेल्स है हमने वही एक होटल में साउथ इंडियन नाश्ता किया, इडली-सांभर, मेंदू वडा और तीन-चार प्रकार की चटनियां थी। यहां चाय -coffee बहुत अच्छी मिलती है।
      
     हम लोग वापस होटल Vinayaga गए ,चेक आउट किया। हमारा next destination Trichi था। हमें उसी दिन त्रिची होकर बेंगलुरु वापस जाना था।


पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम की जन्मस्थली

         
       होटल विनायगा के पास ही 5km पर ही हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम जी की जन्मस्थली है। पर हमें उसी दिन Bengaluru पहुंचना था। इस वजह से हम वहां नहीं जा पाए। उसका हमें खेद है। रामेश्वरम में डॉक्टर अब्दुल कलाम की स्मृति में कलाम मेमोरियल स्मारक की स्थापना कि हुई है। हम वहां नहीं जा पाए पर अगर आप रामेश्वरम जाते हैं तो यहां विजिट जरूर करें।
        तो इस तरह हमारा रामेश्वरम का सफर पूर्ण हुआ। 


रामेश्वरम कैसे पहुंचे


  • चेन्नई से रामेश्वरम की दूरी -558.7km
  • बेंगलुरु से रामेश्वरम की दूरी -580.2km

Statue of Unity- part-1-Nilkanthdham Swaminarayan temple (Gujrat)

Statue of Unity   Part-1 Nilkanthdham swaminarayan temple   Gujrat  Statue of Unity         Hi everyone .......  आज में ...